याची की तहरीर पर विपक्षी समेत नौ लोगों के विरुद्ध गाली गलौज, धमकी, मारपीट करने व अवैध गाड़ी खड़ी करने के संदर्भ में एफआईआर दर्ज हुई। जिसे वापस लेने का दबाव बनाने के लिए विपक्षी कारोबारी ने याची के विरुद्ध गाली-गलौज करने की झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है। विवेचना के बाद पुलिस ने याची के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। निचली अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए याची को बतौर आरोपी तलब किया था। कोर्ट ने सरकार और विपक्षी से छह हफ्ते में जवाब तलब करते हुए याची के विरुद्ध किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी।