इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 10 जून 2022 को अटाला में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा में जेल में बंद आरोपी छात्र की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा है कि याची को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों पर रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने मोहम्मद साजिद की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले में याची करीब पांच महीने से जेल में बंद है। उस पर 10 जून को अटाला में जुमे की नमाज के बाद धार्मिक बयानों के आधार पर लोगों को हिंसा केलिए उकसाने का आरोप है। करेली थाने में याची सहित 70 नामित और पांच हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 144, 145, 147, 148, 149, 153ए, 153बी, 295ए, 307, 332, 336, 353, 435, 427, 504, 505(2), 506, 120बी और धारा 3/4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 83 और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की रोकथाम अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कोर्ट में याची की ओर से तर्क दिया गया कि मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। इसी मामले में सह आरोपियों की जमानत मंजूर हो गई है। सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याची को जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया।