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High Court : भाजपा सांसद रीता बहुगुणा के खिलाफ 14 साल पहले दर्ज हुई एफआईआर रद्द करने का आदेश

Fri, 16 Sep 2022 07:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सांसद के खिलाफ 2008 में तत्कालीन तहसीलदार विजय शंकर मिश्र ने सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बतौर महापौर अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।
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रीता बहुगुणा जोशी - फोटो : social media
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद डॉक्टर रीता बहुगुणा जोशी को 14 साल पहले दर्ज हुई प्राथमिकी के मामले में राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार एवं न्यायमूर्ति सैयद वैज मियां की खंडपीठ ने डॉ. जोशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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सांसद के खिलाफ 2008 में तत्कालीन तहसीलदार विजय शंकर मिश्र ने सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बतौर महापौर अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फतेहपुर बिछुआ स्थित प्लॉट संख्या 408 की भूमि को खुर्द बुर्द कर दिया। डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की ओर से तर्क दिया गया कि प्राथमिकी दुर्भावना से प्रेरित थी। मामले में  सीबीआई ने जांच की थी।


 सीबीआई जांच के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी और विवेचना के बाद आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था। उस चार्जशीट में याची का कहीं भी नाम नहीं था और न ही उसकी कोई संलिप्तता ही बताई गई थी। कहा गया कि याची ने महापौर रहते अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन किया था और जो सदन का निर्णय था, उसे ही क्रियान्वयन कराया था। सदन में हुए निर्णय के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला नहीं बनता। जहां तक भूमि का विवाद है तो उसमें नगर निगम को सदन के निर्णय से लाभ ही हुआ है। 

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