इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वेब सीरीज मिर्जापुर के निर्माता फरहान खान और रितेश सिधवानी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। मामले में मिर्जापुर की क्षेत्रीय, सामाजिक व धार्मिक आस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि रिकार्ड पर ऐसा कुछ नहीं है, जिससे कहा जा सके कि किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई हैं।
एफआईआर को स्वीकार किया जाए तो भी नहीं बनता कोई केस
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति एस विद्यार्थी की खंडपीठ ने पूर्व में वेब सीरीज के निर्माताओं फरहान खान और रितेश सिधवानी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विवेचना पूरी करने का आदेश दिया था। साथ ही याचीगण को विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया था। याची की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी और वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष तिवारी का कहना था कि यदि एफआईआर के आरोपों का स्वीकार कर लिया जाए तो भी याचियों के खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं बनता है।