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High Court Order : सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियाें की जमानत मंजूर, एक का अर्थदंड निलंबित

Wed, 16 Oct 2024 01:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति डॉ.गौतम चौधरी की अदालत ने शकील, सड्डू उर्फ शादाब, सिराज अहमद व कठाउ उर्फ शाह आलम की ओर सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को चुनौती देने वाली अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए दिया है।
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अदालत (सांकेतिक) - फोटो : ANI
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में उम्रकैद की सजा पाए चार दोषियों की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। साथ ही कोर्ट ने अर्थदंड की आधी रकम पर रोक लगाते हुए तीन दोषियों को शेष रकम छह माह में जमा करने का निर्देश दिया है। जबकि, एक दोषी को मिला अर्थदंड निलंबित कर दिया।

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति डॉ.गौतम चौधरी की अदालत ने शकील, सड्डू उर्फ शादाब, सिराज अहमद व कठाउ उर्फ शाह आलम की ओर सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को चुनौती देने वाली अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए दिया है। मामला आजमगढ़ के फूलपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। वारदात 17 मार्च 2013 की शाम सात बजे की है।

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पीड़िता अपनी मां संग ट्यूबवेल के पास खड़ी थी। उसी दौरान सरायमीर की ओर से आ रहे एक वाहन पर सवार तीन लोगों ने पीड़िता का अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को जौनपुर के शाहगंज के पास गंभीर हालत में वाहन से उतारकर भाग गए। वहां से गुजर रहे दो लोगों की नजर पीड़िता पर पड़ी तो उन्होंने उसे घर पहुंचाया।

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आरोपियों ने सजा के आदेश को दी थी हाईकोर्ट में चुनौती

पीड़िता की मां ने तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता के नाबालिग होने के कारण मुकदमों में पॉक्सो एक्ट बढ़ाया गया। पॉक्सो एक्ट लागू होने के बाद यह आजमगढ़ का पहला मुकदमा था। विवेचना के दौरान आजमगढ़ के फरिहां थाना निजामाबाद निवासी शकील, सड्डू उर्फ शादाब, जिला जौनपुर के ग्राम मटियारा थाना सरपतहा निवासी सिराज अहमद व ग्राम छाऊ थाना गंभीरपुर निवासी कठऊ उर्फ शाह आलम का नाम प्रकाश में आया।

ट्रायल के दौरान पीड़िता समेत कुल आठ गवाहों के बयान, दोनों पक्षों की दलीलों पर सत्र अदालत ने वर्ष 2021 में शकील, सड्डू उर्फ शादाब, सिराज अहमद, शाह आलम को आजीवन कारावास और एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सत्र अदालत से मिली सजा को चारों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

हाईकोर्ट ने अपीलों को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए चारों का सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सड्डू उर्फ शादाब को मिले अर्थदंड को निलंबित कर दिया। जबकि, शेष तीन दोषियों के अर्थदंड की आधी रकम पर रोक लगाते हुए बाकी की रकम रिहाई के छह महीने के भीतर जमा करने का आदेश दिया है।

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