इसके बाद कोर्ट अपर महाधिवक्ता पीके गिरि ने खुद के नाम से लिखे गए पत्र को अपना मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट में मौजूद रहे महाधिवक्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव (विधि और न्याय) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पिछले आदेश के अनुपालन में चल रही जांच रिपोर्ट दो हफ्ते में पेश की जा सकेगी। लिहाजा, कोर्ट ने मामला 26 सितंबर के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।
नियत तारीख पर प्रमुख सचिव (विधि और न्याय) की ओर से पेश सीलबंद रिपोर्ट खोली गई। कोर्ट ने महाधिवक्ता की रिपोर्ट का अध्ययन करने की मोहलत दी। साथ ही पूछा कि क्या रिपोर्ट के अनुसरण में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जवाब में उन्होंने कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय मांगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को नियत की है।