फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुकेश गिरी की बढ़ीं मुश्किलें: नहाते वक्त महिलाओं का वीडियो बनाने का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

Sat, 28 Sep 2024 03:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एक लाख के इनामी महंत मुकेश गिरि की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की अदालत कर रही है। सीलबंद रिपोर्ट अदालत में खुली तो कोर्ट ने महाधिवक्ता से पूछा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
विज्ञापन
मुरादनगर गंगनहर का महंत मुकेश गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के गंगानगर घाट पर नहाते वक्त महिलाओं का वीडियो बनाने के आरोपी इनामी महंत मुकेश गिरी के मामले में सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट के प्रमुख सचिव (विधि और न्याय) की पेश रिपोर्ट पर तल्ख अंदाज में सरकार से पूछा...दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी?

विज्ञापन


एक लाख के इनामी महंत मुकेश गिरि की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की अदालत कर रही है। सीलबंद रिपोर्ट अदालत में खुली तो कोर्ट ने महाधिवक्ता से पूछा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी? इस पर उन्होंने कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट पेश करने को दो दिन की मोहलत मांगी है। अब मामले की सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने साक्ष्य छिपाकर हलफनामा दाखिल किया था। इस पर खफा कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि वह प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी से बिंदुवार जांच करा 12 सितंबर तक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करें। कोर्ट ने पुलिस के साथ-साथ महाधिवक्ता कार्यालय और अभियोजन निदेशक कार्यालय की कार्य शैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद कोर्ट अपर महाधिवक्ता पीके गिरि ने खुद के नाम से लिखे गए पत्र को अपना मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट में मौजूद रहे महाधिवक्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव (विधि और न्याय) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पिछले आदेश के अनुपालन में चल रही जांच रिपोर्ट दो हफ्ते में पेश की जा सकेगी। लिहाजा, कोर्ट ने मामला 26 सितंबर के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।

नियत तारीख पर प्रमुख सचिव (विधि और न्याय) की ओर से पेश सीलबंद रिपोर्ट खोली गई। कोर्ट ने महाधिवक्ता की रिपोर्ट का अध्ययन करने की मोहलत दी। साथ ही पूछा कि क्या रिपोर्ट के अनुसरण में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जवाब में उन्होंने कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय मांगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को नियत की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें