याची के मातृत्व अवकाश को दो वर्ष पीरियड की अनिवार्यता के आधार पर बीएसए रामपुर के 9 अगस्त 2024 के आदेश से खारिज कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा हाईकोर्ट ने पहले ही तय कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मातृत्व अवकाश के लिए दो वर्ष गैप की अनिवार्यता को आधार बनाकर छुट्टी देने से इन्कार करने के बीएसए रामपुर के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही याची को 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने कुशल राणा की याचिका पर यह आदेश दिया।
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याची के मातृत्व अवकाश को दो वर्ष पीरियड की अनिवार्यता के आधार पर बीएसए रामपुर के 9 अगस्त 2024 के आदेश से खारिज कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा हाईकोर्ट ने पहले ही तय कर दिया है। इस कारण दो वर्ष की अनिवार्यता को आधार बनाकर मैटरनिटी लीव देने से इंकार करना गलत है।