उसी मुकदमे मे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से याची के खिलाफ दूसरी नोटिस जारी कर कार्रवाई नहीं की जा सकती। कहा कि याची को एक ही अपराध के लिए दो बार परेशान नहीं किया जा सकता। अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलीलों का विरोध किया, लेकिन याची के वकील की ओर से न्यायालय के समक्ष रखे गए तथ्यों पर विवाद नहीं कर सके।
कोर्ट ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हाथरस की ओर से पारित नोटिस दिनांक 30 जून 2022 और आदेश दिनांक 30 जनवरी 2024 को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता के नाम पर एक अकेला मामला है, जिसमें उसे मुकदमे के समापन तक अग्रिम जमानत दी गई है। इस मामले में जिले के कार्यकारी अधिकारियों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने एडीएम पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।