फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट सख्त : गुंडा एक्ट का आदेश निरस्त कर कोर्ट ने एडीएम हाथरस पर लगाया एक लाख का जुर्माना

Fri, 17 May 2024 06:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर जिलाधिकारी हाथरस के खिलाफ एक लाख रुपये जुमाने की कार्रवाई की है। मामला गुंडा एक्ट की कार्रवाई से संबंधित है। याची ने एडीएम के द्वारा पारित गुंडा एक्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि गुंडा एक्ट की कार्रवाई आदतन अपराधियों पर की जाती है।
विज्ञापन
अदालत। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए एडीएम हाथरस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और कहा कि यह राशि याचिकाकर्ता को दो महीने में भुगतान किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्तव्यों के पालन में लापरवाही बरतने वाले लोक सेवकों से राज्य सरकार यह राशि वसूलने के लिए स्वतंत्र है।

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और इस न्यायालय की ओर परिभाषित किया गया है कि कानून के अनुसार गुंडा एक्ट की कार्रवाई ऐसे व्यक्ति पर करें जो आदतन अपराधी हो या ऐसा व्यक्ति जो बार-बार अपराध कर रहा है और उसकी प्रवृत्ति अपराधी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह-प्रथम की कोर्ट ने मुकेश कुमार की ओर से दाखिल की गई याचिका पर दिया।

मामले में हाथरस निवासी मुकेश कुमार पर एडीएम ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए 30 जून 2022 नोटिस जारी किया और 30 जनवरी 2024 आदेश पारित किया। इस दौरान याची ने आदेश और नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट से गुहार लगाई। याची अधिवक्ता ने पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में एक बार पहले भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

उसी मुकदमे मे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से याची के खिलाफ दूसरी नोटिस जारी कर कार्रवाई नहीं की जा सकती। कहा कि याची को एक ही अपराध के लिए दो बार परेशान नहीं किया जा सकता। अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलीलों का विरोध किया, लेकिन याची के वकील की ओर से न्यायालय के समक्ष रखे गए तथ्यों पर विवाद नहीं कर सके।

कोर्ट ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हाथरस की ओर से पारित नोटिस दिनांक 30 जून 2022 और आदेश दिनांक 30 जनवरी 2024 को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता के नाम पर एक अकेला मामला है, जिसमें उसे मुकदमे के समापन तक अग्रिम जमानत दी गई है। इस मामले में जिले के कार्यकारी अधिकारियों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने एडीएम पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें