कोर्ट की कार्यवाही के दौरान याची पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पुलिस की ओर से आईपीसी की धारा 447 और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की रोकथाम अधिनियम 1984 की धारा 2/3 के तहत दाखिल किया गया आरोप पत्र नियमत: नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता आजम खां के बेटे अदीब आजम खां के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर फिलहाल रोक बरकरार रखी है। कोर्ट ने इस संबंध में सरकारी अधिवक्ता से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की एकल खंडपीठ कर रही है।
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कोर्ट की कार्यवाही के दौरान याची पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पुलिस की ओर से आईपीसी की धारा 447 और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की रोकथाम अधिनियम 1984 की धारा 2/3 के तहत दाखिल किया गया आरोप पत्र नियमत: नहीं है, क्योंकि इसके पहले याची को आईपीसी की धारा 441 के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया। इसलिए आरोप पत्र की कार्रवाई नियम के अनुरूप नहीं रही।
याची के अधिवक्ता ने रहतू लाल उर्फ रहतू राम उर्फ दिव्यानंद एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में इसी न्यायालय द्वारा पारित आदेश का हवाला दिया। कहा कि आवेदक को कभी कोई नोटिस तामील नहीं कराया गया, जिससे पूरी कार्यवाही नियमत: नहीं रह गई है। इस पर कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता से मामले में छह सप्ताह की अवधि के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।