कोर्ट की कार्रवाई शुरू होते हुए प्रतिवादी पक्ष की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया, जिसे कोर्ट ने रिकॉड पर लेते हुए याची का पक्ष जाना। याची के अधिवक्ता ने मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की याचिका के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी है। मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में प्रतिवादी एंसिएंट आईडल ऑफ स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर एंड पांच अन्य की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। इस पर याची के अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए तीन वक्त का समय मांगा। कोर्ट ने इस पर अपनी अनुमति दे दी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पडिया की एकल खंडपीठ कर रही है।
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कोर्ट की कार्रवाई शुरू होते हुए प्रतिवादी पक्ष की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया, जिसे कोर्ट ने रिकॉड पर लेते हुए याची का पक्ष जाना। याची के अधिवक्ता ने मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी और मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक बरकार रखी। मामले में आधा दर्जन याचिकाएं लंबित हैं। दो याचिकाओं पर कोर्ट सुनवाई कर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
2021 में भी तीन याचिकाएं दाखिल की हुईं हैं। कोर्ट उन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। अब कोर्ट एक साथ सभी मामलों में फैसला करने का निर्णय लिया है। इसी वजह से लगातार सुनवाई चल रही है। मामले में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल की है। याची के अधिवक्ता पुनीत कुमार ने कहा कि कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 17 जनवरी तय की है।