मामले में याची के खिलाफ फूलपुर थाने में आठ वर्ष पूर्व आपराधिक षड्यंत्र, हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर रखी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों की रिपोर्ट भेजने में विलंब करने पर ट्रायल कोर्ट की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। कहा कि इससे आरोपी व्यक्तियों की कैद लंबी होती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ ने प्रयागराज फूलपुर के निवासी मनोज तिवारी की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में याची के खिलाफ फूलपुर थाने में आठ वर्ष पूर्व आपराधिक षड्यंत्र, हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर रखी है। कोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश में ट्रायल कोर्ट से मामले में आठ बिंदुओं पर विवरण तलब किया था, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर महानिबंधक को आदेश दिया है कि वह मामले में ट्रायल कोर्ट से रिकॉर्ड तलब करें। मामले की सुनवाई अब 29 फरवरी को होगी।