कोर्ट ने पूछा है कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों ने याची के कब्जे में हस्तक्षेप किया है। याचिका की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह तथा न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण बिहारी राय की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा याची की जमीन पर विपक्षी का अवैध कब्जा कराने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सरकारी अधिवक्ता से दो हफ्ते में स्पष्ट जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों ने याची के कब्जे में हस्तक्षेप किया है। याचिका की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह तथा न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण बिहारी राय की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
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याचिका पर अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्र व देवेंद्र मिश्र ने बहस की। इनका कहना है कि याची ने जमीन खरीदी और नगर पालिका परिषद देवरिया के सक्षम प्राधिकारी एसडीएम सदर से नक्शा पास कराया। याची की जमीन के बगल की जमीन विपक्षी कृष्णा सोनी ने खरीदी। उसकी चौहद्दी अलग है। उसकी शिकायत पर एसडीएम ने नक्शे पर रोक लगा दी।
तहसीलदार, लेखपाल आदि के साथ मौके पर जाकर याची की जमीन के हिस्से पर कब्जा कराकर चहारदीवारी बनावा दी। याची को धारा 151 में चालान कर हिरासत में भेज दिया। जमानत मिलने पर याची ने शासन को शिकायत की, किंतु कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली है। याची का सदर तहसील के एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर कृष्णा सोनी के दबाव में अवैध कब्जा दिलाने का आरोप लगाया है।