याचीगण के अधिवक्ता सैयद वाजिद अली का तर्क था की याचियों ने सीजनल अमीन के तौर पर नौकरी आरंभ किया। बाद में उनकी सेवा स्थाई कर दी गई लेकिन सेवानिवृत्त होने पर डीएम ने यह कह कर पेंशन भुगतान से इन्कार कर दिया की याची को नियमित होने की तारीख से स्थाई सेवा में माना जाएगा।
सीजनल अमीन के तौर पर काम कर चुके अमीनों को पेंशन व अन्य भुगतान न करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम महराजगंज को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने कौशल किशोर चौबे की याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
न्यायालय ने संग्रह अमीन के तौर पर दी गई सेवा को नियमित सेवा मानते हुए उन्हें पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान पांच माह में करने का आदेश दिया था। दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी भुगतान न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई थी।
याचीगण के अधिवक्ता सैयद वाजिद अली का तर्क था की याचियों ने सीजनल अमीन के तौर पर नौकरी आरंभ किया। बाद में उनकी सेवा स्थाई कर दी गई लेकिन सेवानिवृत्त होने पर डीएम ने यह कह कर पेंशन भुगतान से इन्कार कर दिया की याची को नियमित होने की तारीख से स्थाई सेवा में माना जाएगा। उन्हें सीजनल अमीन के तौर पर सेवा में आने की तारीख से मना जाएगा।