कोर्ट के 16 दिसंबर 2019 के आदेश का पालन न करने पर अवमानना याचिका दायर की गई है। यह सात जुलाई 2020 से यह लंबित है। कोर्ट ने 29 जनवरी 2021 के आदेश के माध्यम से आरोप तय किए हैं। आपत्तियों को 26 फरवरी 2021 के आदेश से खारिज कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए मंडलायुक्त प्रयागराज और आईईआरटी के निदेशक व वित्त नियंत्रक को तलब किया है। चार अप्रैल को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने को आदेश दिया है। यह फैसला ओपी द्विवेदी व दो अन्य की ओर से दाखिल की गई अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने दिया है।
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कोर्ट के 16 दिसंबर 2019 के आदेश का पालन न करने पर अवमानना याचिका दायर की गई है। यह सात जुलाई 2020 से यह लंबित है। कोर्ट ने 29 जनवरी 2021 के आदेश के माध्यम से आरोप तय किए हैं। आपत्तियों को 26 फरवरी 2021 के आदेश से खारिज कर दिया। तब से लगातार अवमानना आवेदन को किसी न किसी बहाने से टाला जा रहा है।
12 मार्च को भी अवमानना आवेदन की सुनवाई टालने के लिए दायर किए गए आवेदन को कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने मंडलायुक्त प्रयागराज व विमल मिश्रा, निदेशक आईईआरटी और आरएन मिश्रा, वित्त नियंत्रक को चार अप्रैल 24 को कोर्ट के समक्ष हाजिर होने का आदेश दिया।
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आठ वर्षों से आर्थिक तंगी के शिकार हैं कर्मचारी
कोर्ट ने आईईआरटी के सात कर्मचारियों को वेतन सहित बहाल किए जाने का आदेश दिया था। इसका पालन नहीं किया गया। कोर्ट में निदेशक ने हलफनामा दिया था कि कर्मचारियों को वेतन सहित नियुक्ति करा दी गई है, लेकिन अभी तक वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक तंगी व मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।