आरोप था कि अब्बास व अन्य ने 2012 में जबरन उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इस मामले में अब्बास के वकील जमानत अर्जी पर दलील देते हुए कहा था कि राजनीतिक द्वेष से मुकदमा दर्ज कराया गया है। 2012 की घटना की एफआईआर 11 साल बाद 2023 में दर्ज कराई गई थी। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट जमीन का जबरन बैनामा कराने के मामले में सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की जमानत अर्जी पर आज फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई कर एक अगस्त को ऑर्डर रिजर्व कर लिया था। अब्बास अंसारी पर 2023 में गाजीपुर कोतवाली में फखर ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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आरोप था कि अब्बास व अन्य ने 2012 में जबरन उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इस मामले में अब्बास के वकील जमानत अर्जी पर दलील देते हुए कहा था कि राजनीतिक द्वेष से मुकदमा दर्ज कराया गया है। 2012 की घटना की एफआईआर 11 साल बाद 2023 में दर्ज कराई गई थी। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया।