दोनों याची भदोही के पूर्व विधायक विजय मिश्रा के रिश्तेदार हैं। उन पर रेप के मामले में पीड़िता को धमकाने सहित कई अन्य आरोप में वाराणसी और भदोही में केस दर्ज हैं। दोनों ने अपनी नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गवाह को धमकाने के मामले में दाखिल अलग-अलग जमानत अर्जी पर सुनवाई से अलग कर लिया। कोर्ट ने मामले को मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष मामले को स्थानांतरित करते हुए दूसरी कोर्ट को नामित करने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति समिति गोपाल ने विकास मिश्रा और मनीष मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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दोनों याची भदोही के पूर्व विधायक विजय मिश्रा के रिश्तेदार हैं। उन पर रेप के मामले में पीड़िता को धमकाने सहित कई अन्य आरोप में वाराणसी और भदोही में केस दर्ज हैं। दोनों ने अपनी नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता रतनेंद्र कुमार सिंह और याची के अधिवक्ता कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए कोर्ट ने मामले को स्थानांतरित करने का आदेश दिया।