याची का कहना था कि दो सह अभियुक्तों आतिफ अहमद व इलियास को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत पर रिहा किया जाए। वह 24 अगस्त 23 से जेल में बंद हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा के बयान के बाद 10 जून 2022 को अटाला में हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप की सशर्त जमानत मंजूर कर ली। उसके खिलाफ प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सौरभ शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रयागराज स्मार्ट सिटी की ओर से हिंसा और पत्थरबाजी से 6.25 लाख के नुकसान की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जावेद पंप फिलहाल देवरिया जेल में बंद है।
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याची का कहना था कि दो सह अभियुक्तों आतिफ अहमद व इलियास को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत पर रिहा किया जाए। वह 24 अगस्त 23 से जेल में बंद हैं।
यह भी कहना था कि तीन आपराधिक केस के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सभी मुकदमों में वह जमानत पर है। तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लागू नहीं होता। आरोप निराधार सामान्य प्रकृति के हैं। बलवा में उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है।
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अपर महाधिवक्ता का कहना था कि गैंग चार्ट में दर्ज तीन केस के अलावा आपराधिक इतिहास है। किंतु वह अन्य केसों को गैंग चार्ट में शामिल न करने का कारण नहीं बता सके। उन्होंने जमानत का पुरजोर विरोध किया, किंतु कोर्ट ने समानता के तर्क को माना। कोर्ट ने कहा फार्म चार संलग्न नहीं है। पिछले केसों में जमानत मिल चुकी है। जमानत को सरकार ने चुनौती भी नहीं दी है। ऐसे में याची भी जमानत पाने का हकदार हैं।