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हाईकोर्ट : दहेज हत्यारोपी की सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर, कोर्ट ने कहा- मृतक के बयान की  हुई अनदेखी

Sat, 25 Nov 2023 04:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची सहित परिवार के खिलाफ पीड़िता के पिता ने  शिकायत दर्ज कराई कि शादी के बाद लगातार परिवार उसकी बेटी को सताते थे। पचास हजार रुपये देने की मांग पूरी होने के बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं की।लड़की को मिट्टी का तेल छिड़क कर जलाकर मार डाला और घटना की सूचना नहीं दी।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्यारोपी प्रेमनगर झांसी के आशीष कुमार उर्फ रिंकू की सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा है कि मृत्यु कालिक कथन में पीड़िता ने स्वयं कहा है कि खाना बनाते समय दुर्घटना में आग लग गई। जिस पर विचार न करना दहेज उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग का अच्छा उदाहरण है। याची जमानत पाने का हकदार है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने आशीष कुमार उर्फ रिंकू की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची सहित परिवार के खिलाफ पीड़िता के पिता ने  शिकायत दर्ज कराई कि शादी के बाद लगातार परिवार उसकी बेटी को सताते थे। पचास हजार रुपये देने की मांग पूरी होने के बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं की।लड़की को मिट्टी का तेल छिड़क कर जलाकर मार डाला और घटना की सूचना नहीं दी।10 अप्रैल 2007 की शाम आग लगा दी। उसी दिन चार माह का गर्भ भी गिर गया था। अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 17 अप्रैल 2007 को पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी। जब शिकायतकर्ता अस्पताल पहुंचा तो बेटी ने आग लगाकर मारने की बात बताई। 19 अप्रैल को प्रेमनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

याची का कहना था कि मजिस्ट्रेट ने बिना मृत्यु कालिक बयान पर विचार किए संज्ञान लेकर सम्मन जारी किया था। हाईकोर्ट ने रद कर दिया। फिर से सीजेएम झांसी ने संज्ञान लिया, जिसके खिलाफ याचिका खारिज हो गई। उसे झूठा फंसाया गया है। दुर्घटना के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती किया गया। सरकारी वकील ने कहा कि कोर्ट में सहयोग नहीं कर रहे। गैर जमानती वारंट जारी है। कुर्की कार्यवाही शुरू की गई है।

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