यह आदेश न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार चतुर्थ ने शेषमणि मिश्र व चार अन्य की याचिका पर दिया है। इनका कहना है कि शिकायतकर्ता व आरोपी एक परिवार के है। दोनों पक्षों में सिविल वाद चल रहा है। जिसमें समझौते का दबाव बनाने के लिए झूठी एफ आईआर दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता वकील है। दबाव बनाकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घरेलू विवाद को लेकर सरायममरेज थाने में मारपीट, जानलेवा हमले के आरोप में दर्ज एफ आईआर के तहत याचियों के उत्पीड़न पर रोक लगा दी है और शिकायतकर्ता मनोज कुमार पांडेय को नोटिस जारी कर सरकार सहित विपक्षियों से छह हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार चतुर्थ ने शेषमणि मिश्र व चार अन्य की याचिका पर दिया है। इनका कहना है कि शिकायतकर्ता व आरोपी एक परिवार के है। दोनों पक्षों में सिविल वाद चल रहा है। जिसमें समझौते का दबाव बनाने के लिए झूठी एफ आईआर दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता वकील है। दबाव बनाकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कुछ याची घटना के दिन एक हजार किमी दूर थे। सभी को मारपीट व जानलेवा हमला करने में आरोपित किया गया है। किसी को भी चोट नहीं आई है। कोई फायर नहीं हुआ है। फर्जी केस गढ़ा गया है। याचिका में आपराधिक केस की वैधता को चुनौती दी गई है।