यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गोरखपुर दुग्ध सहकारी संघ व अन्य की ओर से दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति के आयुक्त एवं निबंधक द्वारा अल्प मत के आधार पर अंतरिम कमेटी का गठन करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अल्पमत के आधार पर गोरखपुर दुग्ध सहकारी संघ की गठित अंतरिम कमेटी के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति के आयुक्त एंव निबंधक को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब-तलब किया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गोरखपुर दुग्ध सहकारी संघ व अन्य की ओर से दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति के आयुक्त एवं निबंधक द्वारा अल्प मत के आधार पर अंतरिम कमेटी का गठन करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची संघ के अधिवक्ता राजीव सिंह ने दलील दी कि आयुक्त द्वारा अल्पमत के आधार पर अंतरिम कमेटी के गठन का आदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम की धारा 29 (4-ख) के तहत पारित किया गया है, जो अवैधनिक है। इस धारा के अंतर्गत अतंरिम कमेटी का गठन तभी किया जा सकता है जब निर्वाचित कमेटी प्रभाव में न हो। वर्तमान मामले में निर्वाचित कमेटी प्रभाव में है और उसका सात माह का कार्यकाल शेष है।
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कोर्ट ने दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति के आयुक्त एवं निबंधक लखनऊ द्वारा दिनांक तीन अक्तूबर को अंतरिम कमेटी गठन के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए चार हफ्ते में जवाब-तलब किया है।