जिला अदालत में पिछले दिनों रणविजय सिंह आदि वकीलों पर अदालत में हंगामा व मुवक्किलों से मारपीट करने का आरोप लगा था। सिविल जज की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की और अधिवक्ताओं की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच का आदेश दिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अदालत में मुवक्किलों से मारपीट और न्यायधीश से बदसलूकी मामले में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्रा रज्जू और मंत्री दिनेश चंद्र पांडेय को आज शाम चार बजे कोर्ट में तलब किया है। पूछा है कि सीसीटीवी फुटेज से उन्होंने अधिवक्ताओं की पहचान कैसे की।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान अपराधिक अवमानना याचिका पर दिया है। इससे पहले भी कोर्ट ने अध्यक्ष और मंत्री को हाजिर हो मामले के निस्तारण में अदालत का सहयोग करने को कहा था, लेकिन अधिवक्ता के जरिए उन्होंने निजी समस्याओं के आधार पर मामले की सुनवाई स्थगित करने की प्रार्थना की थी। जिस पर कोर्ट ने कहा कि कई अवसर दिए जाने के बावजूद वह नहीं आ रहे हैं, जबकि अदालत केवल यह जानना चाहती है कि जिला अदालत में हुए हंगामे में उन्होंने किस आधार पर उन दो अधिवक्ताओं की पहचान की है, जिनके खिलाफ अवमनाना का वाद योजित किया गया है।
गौरतलब है कि जिला अदालत में पिछले दिनों रणविजय सिंह आदि वकीलों पर अदालत में हंगामा व मुवक्किलों से मारपीट करने का आरोप लगा था। सिविल जज की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की और अधिवक्ताओं की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में जिला अधिवक्ता संघ की ओर से हाईकोर्ट के दो अधुवक्ताओं समेत कई अन्य की पहचान करते हुए सूची अदालत को भेजी थी। इसके बाद वकीलों और बार के पदाधिकारियों में विवाद भी हुआ था।