मामले में याची ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। याची ने जमानत पर छोड़े जाने की मांग की थी। उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट के तहत नरसेना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। याची के अधिवक्ता राम कृष्ण मिश्रा ने तर्क दिया कि दोनों ने शादी कर ली है।
किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किशोर की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इसके साथ ही किशोर को शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा ने बुलंदशहर जिले के नरसेना थाने के निवासी विपिन कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में याची ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। याची ने जमानत पर छोड़े जाने की मांग की थी। उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट के तहत नरसेना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। याची के अधिवक्ता राम कृष्ण मिश्रा ने तर्क दिया कि दोनों ने शादी कर ली है।
किशोरी के परिजन सामाजिक प्रतिष्ठा में जबरदस्ती एपफआईआर दर्ज करा दी है। किशोरी ने चिकित्सकीय जांच से भी इंकार कर दिया है। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया लेकिन कोर्ट ने याची की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।