36 मामले दर्ज, तो गैंग चार्ट में दो ही केस क्यों दिखाए
हाईकोर्ट का आरोपी को जमानत देने से इनकार, विवेचनाधिकारी से मांगा जवाब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरोहबंद कानून के तहत जेल में बंद 36 अपराधों में लिप्त खुदागंज शाहजहांपुर के सोनू उर्फ जैनेन्द्र को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब मांगा है। उसने पूछा है कि जब याची के खिलाफ 2013 से 2021 तक के बीच 36 आपराधिक केस दर्ज हैं तो केवल दो केसों का आपराधिक चार्ट क्यों तैयार किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर ने दिया है।
याची का कहना था कि उसके खिलाफ दो आपराधिक मामले के आधार पर गैंग चार्ट तैयार कर 22 जुलाई 2021 से जेल में बंद रखा गया है, जबकि उसके खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं और सभी में जमानत मिली हुई है। इसलिए गैंग्स्टर एक्ट में भी जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याची को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया। (ब्यूरो)