कोरोना महामारी में भी स्वास्थ्य विभाग संवेदनहीन बना है। भीषण गर्मी में भी मर्चरी में दो दिन से दो लोगों के शव खुले में रखे गए हैं। दूसरे दिन शवों से दुर्गंध उठने लगी। चर्चा रही कि मर्चरी में रखे शवों को चूहों ने कुतर दिया था। कोरोना संदिग्धों की लाश को भी खुले में रखा गया। जिला अस्पताल की मर्चरी में सोमवार की रात रानीगंज के हरनाहरपुर निवासी मैजिक चालक शिवप्रकाश का शव रखा गया था। उसकी कोरोना की जांच के लिए सैंपल भेजा गया था। इसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने शव को प्लास्टिक कवर करने के बजाए खुले में रख दिया था। परिवार के लोगों को शव के पास जाने तक नहीं दे रहे थे। उधर, लालगंज कोतवाली के सराय रायजू के रहने वाले रामहर्ष का शव भी मंगलवार की देर शाम मर्चरी में रखवा दिया गया।
दोनों शव खुले में पड़े रहे। जबकि मर्चरी में फ्रीजर भी रखा हुआ है। चर्चा रही कि बुधवार को जब परिवार के लोग पुलिस के साथ पंचायतनामा भराने के लिए गए तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शिवप्रकाश का शव चूहों ने कुतर दिया था। रामहर्ष पांडेय के हाथ व चेहरे पर भी निशान मिले थे। हालांकि किसी ने अफसरों से शिकायत नहीं की। सीएमएस डा. पीपी पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती गई है। कोरोना के डर से कर्मचारियों ने जल्दबाजी की है। वह मामले को दिखवाएंगे। मामला संज्ञान में आने के बाद मृतक के शवों को बर्फ से कवर कराया गया है। चूहों से कुतरने की बात गलत है। शिवप्रकाश की कोरोना जांच निगेटिव आई है। पुलिस को सूचना भेज दी गई है।