बता दें कि इस मामले को इसके पहले 24 जनवरी को एक दूसरी कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए पेश किया गया था लेकिन पूर्व पीठ ने मामले को दूसरी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेज दिया गया था। उसके बाद इस मामले को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
इसके पहले हिंदू पक्ष की राखी सिंह की ओर से जिला जज के समक्ष दाखिल सिविल वाद में तर्क दिया गया था कि ज्ञानवापी परिसर के धार्मिक चरित्र का पता लगाने के लिए वजूखाना (शिवलिंग को छोड़कर) का सर्वेक्षण आवश्यक है। जिला जज ने हिंदू पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया।
जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 के अपने आदेश के जरिए उस क्षेत्र की विधिवत सुरक्षा करने का आदेश दिया है, जहां कथित शिवलिंग पाए जाने की बात कही गई है। इसीलिए एएसआई को क्षेत्र का सर्वेक्षण करने का निर्देश देना उचित नहीं है, क्योंकि, यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा।