नए संशोधन अधिनियम में केंद्र सरकार ने जीएसटी अधिनियम की धारा 15(5) को संशोधित कर गेम ऑफ स्किल को गेम ऑफ चांस के समकक्ष ला दिया है, जिससे कौशल से जीतने वाले धन पर कर लगाया जा सके। याची की ओर से सीजीएसटी के नियम 31-बी को भी चुनौती दी गई है, जो पूरी राशि पर कर लगाने का प्रावधान करता है।
याचिका में कहा गया कि शतरंज, क्रिकेट आदि जैसे कौशल वाले खेल वैध और वांछनीय गतिविधियों की श्रेणी में आते हैं, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत संरक्षित हैं। इस प्रकार के खेल सट्टेबाजी, जुआ, लॉटरी आदि से अलग होते हैं। कोर्ट ने याची की दलीलों को सुनने के बाद मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।