कोर्ट के आदेश के तहत जारी हुई है नई गाइडलाइन
सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से 22 सितंबर 2022 को पारित आदेश केतहत पुलिस विभाग की ओर से हिस्ट्रीशीट खोले जाने केबारे में छह बिंदुओं पर एक व्यापक गाइडलाइन जारी की गई है। इसके मुताबिक पुलिस अपराधियों की हिस्ट्रीशीट पर हर दो साल में पुनर्मूल्यांकन करेगी और उसके हिसाब से हिस्ट्रीशीट खोलेगी या बंद करेगी।
इसके अलावा 18 साल तक के लोगों की हिस्ट्रीशीट नहीं खोली जाएगी। 19 से 21 साल तक के लोगों की हिस्ट्रीशीट खोलने से पूर्व वरिष्ठ अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक की ओर से पुलिस महानिरीक्षक, सीबीसीआईडी को इस आशय से प्रेषित की जाएगी कि उन्हें कोई आपत्ति हो तो पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर वह अपनी टिप्पणी सहित संबंधित मुख्यालयों को भेजेंगे।
इसके साथ ही हिस्ट्रीशीट खोलने केलिए पुलिस रेगुलेशन के पैरा 228 से 240 तक का गहन अध्ययन करके उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हिस्ट्रीशीट खोले जाने का युक्तियुक्त आधार हो और आदतन अपराधी हो, उनकी गहन निगरानी की जाएगी। थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक की ओर से सघन परीक्षण करने के उपरांत ही पुलिस अधीक्षक की ओर से हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी।
रूटीन में हिस्ट्रीशीट नहीं खोली जाएगी। इसके अलावा यूपी गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम/यूपी गुंडा अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई में हिस्ट्रीशीट खोलने का आधार नहीं बनाया जाएगा। इसकेसाथ ही अगर हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बारे में पुलिस महानिरीक्षक और सीबीसीआईडी की ओर से कोई आपत्ति की जाती है, तो जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से इस बारे में परीक्षण किया जाएगा।
यदि हिस्ट्रीशीट खोले जाने का पर्याप्त आधार पाया जाता है तो इसकी सूचना पुलिस महानिरीक्षक और सीबीसीआईडी को देनी होगी। कोर्ट को बताया गया कि नई गाइडलाइन का अनुपालन कराने केलिए पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को रिपोर्ट भेज दी गई है। इस पर कोर्ट ने हिस्ट्रीशीट केपुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूछी। सरकारी अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि दो वर्ष में हिस्ट्रीशीट का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। लेकिन, कोर्ट संतुष्ट नहीं हुई और स्पष्ट जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया।