Prayagraj News : मुट्ठीगंज के हटिया में जर्जर मकान का छज्जा गिरा।
- फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर ने मुझे 700 रुपये की दवा बाहर से लिखी और 425 रुपये ब्लड की जांच के लिए। - हरीश चंद्र पटेल, घायल बिजली संविदा कर्मचारी।
जब डॉक्टर ने मुझे 1450 रुपये की दवा बाहर से लाने को कहा तो मेरे भाई के पास सिर्फ एक हजार रुपये ही थे। उसने किसी से 450 रुपये कर्ज लिए। तब जाकर दवा मिली। - अनीस आदिवासी, घायल मजदूर।
जिस मकान का छज्जा गिरी, उसी मकान में मैं रहता हूं और मेरी पान की दुकान है। डॉक्टरों ने बाहर से 1400 रुपये की दवा मंगवाई। इसके अलावा ड्रेसिंग तक बदलने कोई नहीं आ रहा है। - नीरज केसरवानी, घायल पान व्यवसायी।
Prayagraj News : मुट्ठीगंज के हटिया में जर्जर मकान का छज्जा गिरा।
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बताया गया था कि एसआरएन अस्पताल में निशुल्क इलाज होगा, मगर यहां तो 4000 रुपये दवा और जांच के नाम पर ले लिए गए। अब मेरे पास पैसे नहीं बचे हैं। मेरे रिश्तेदार ही इलाज करा रहे हैं। - विनोद कुमार बिंद, घायल मजदूर।
मैंने निर्देश दिए हैं कि इस तरह की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए। सभी मरीजों का इलाज निशुल्क होना चाहिए। - डॉ. अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल।
जब यह शिकायत मेरे सामने आई तो मैंने डीएम से बात की और मांग की है कि जो लोग इस तरह का काम कर रहे हैं, उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर, प्रयागराज।