मंगलवार से शुरू हो सकता है पहला रोजा
मुकद्दस रमजान के तीसरे अशरे ‘अशरा-ए- नजात’ में मुस्लिम घरों में ईद की तैयारियां तेज हो गई है। जैसे-जैसे 29 शब पास आ रही है माहौल में ईद की खुशियां घुलने लगी है। रोजेदारों को आखिरी जुमे की नमाज का बेसब्री से इंतजार है। इबादतगाहों में कुरान की तिलावत करने वालों की जमात जुट रही है।
शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी के मुताबिक अलविदा की नमाज रमजान के रुखसत का पैगाम है। माहे रमजान में की गई इबादत से खुश होकर अल्लाह ताला ने ईद की खुशियां इनायत की हैं। रोजेदारों ने पहले अशरे में अल्लाह की रहमतों को तलब किया और रमजान के इकराम को पूरा ख्याल रखा। दूसरे अशरे में ज्यादा से ज्यादा नेकियां हासिल की। अशरा-ए-नजात ईद की खुशियां लेकर आएगा। इसलिए इस अशरे में ज्यादा से ज्यादा कुरान की तिलावत की जा रही है। 25वें और 29 रोजे को शबेकद्र की खास इबादत होगी।
शिया जामा मस्जिद, चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने कहा, माहे रमजान के जितने भी दिन बकाया हैं। रोजेदार खुदा की बारगाह में कुराने पाक की तिलावत करें। बक्शीबाजार के अरशद बताते हैं अलविदा की नमाज के साथ ही ईद की खुशी दिलों में तारी हो जाती रही है। इस बार आखिरी जुमा 25वें रोजा पर पड़ रहा है। ईद के लिए हमें इंतजार करना पड़ेगा।
मुकद्दस माहे रमजान के 15वें रोज से शुरू हुईं ईद तैयारियां तकरीबन पूरी हो चुकी हैं। मुस्लिम घरों की महिलाएं तैयारियों को फाइनल टच देने में जुटी हैं। तीसरे अशरे यानी अशरे-ए-नजात के दिनों में कुरान की तिलावत के साथ ही बाजार खंगाले जा रहे हैं। इस बार ईद में कौन-कौन से नए पकवान बनाने है, ड्राइंग रूम को नया लुक देने में और क्या किया जा सकता है। पर्दे चादर, कपड़े आदि की खरीददारी पूरी हो चुकी है। ईदी में रुपए देने के साथ ही तोहफे भी लिए गए हैं। रिश्तेदारों आस-पड़ोस में देने के लिए गिफ्ट खरीदे जा रहे हैं।
बक्शी बाजार की रजिया अरशद बताती है अल्लाह का करम है जो हमें रमजान के महीने में इबादत के साथ ही खुशियां हासिल हुई हैं। घर में आने वालों के लिए पकवान बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। ईद पर कई तरह की सेवइयां बनाई जाएगी। नमकीन के साथ चाट, पकौड़ी भी बनेगी। परिवार में ईदी बांटी जाएगी। इसके लिए पैकेट तैयार की हैं। जी टीबी नगर की कहकशां अंजुम ने कहा ईद के मौके पर कोई कोरकसर नहीं छोड़ना चाहती। बच्चों से लेकर परिवार का हर शख्स खुश रहे। इसके लिए खास तैयारी की है। करेली की शब्बो कलाम का कहना है कि वर्ष के ग्यारह महीने हमें इस मौके का इंतजार रहता है। तैयारियां तकरीबन पूरी हो चुकी है। वैसे तो ईद का चांद दिखने तक तैयारी होती रहेंगी।