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प्रयागराज : योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख की वाणी है गीता - स्वामी अड़गड़ानंद महाराज

Thu, 28 Oct 2021 08:07 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : अमर उजाला।
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गीता योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख की वाणी है। आदिशास्त्र श्रीमद्भगवत गीता का यथावत भाष्य यथार्थ गीता है। हर घर में गीता होना बहुत ही जरूरी और गीता को पढ़ना और अमल करना चाहिए भक्तों को यथार्थ गीता का रसपान कराते हुए शक्तेशगढ़ परमहंस आश्रम के स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने कहीं।
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महाराज जी ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में अरबों-खरबों खर्च कर और सब्सिडी से भी समाज में जो भाईचारा स्थापित नहीं हो पा रहा है, वह यथार्थ गीता के माध्यम से सहजता से प्राप्त हो सकता है। बताया कि गीता हमें जीवन का सही रास्ता दिखाती है और ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। चूंकि योगेश्वर भगवान कृष्ण को साधारण रूप में व्यक्त किया गया है, इसलिए इसे यथार्थ गीता कहा जाता है।

इसकी रचना में गुरुजी की दैवीय दिशा सहायक रही। धर्म को समझने के लिए आदिशास्त्र श्रीमद्भागवत के यथावत भाष्य को संकलित करने के लिए ही इसकी रचना की गई। महाराज जी के स्वरूप से कथा शुरू उपस्थित श्रोता भाव विभोर हो रहे थे।
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प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन किया गया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज हेलीकॉप्टर से शक्तेशगढ़ के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर बृज बिहारी महाराज यस पी सिंह पंकज सिंह वशिष्ठ सिंह यादव कुलदीप नारायण शिव गोपाल तिवारी राजकुमार सिंह बिन्नू आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे
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