पिता ने बताया कि यहां पहले दिन इलाज नहीं किया गया और उसे डफरिन भेज दिया गया। मंगलवार को बेटी का इलाज शुरू हुआ। दोनों पैरों में प्लास्टर चढ़ाया गया और कमर में बेल्ट बांधा गया। हालांकि भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया, जिस पर वह उसे लेकर घर लौट गया। पिता का आरोप है कि मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उधर एसआरएन अस्पताल से भी उसे निराशा मिली। इस मामले में एसआईसी अजय सक्सेना का कहना है कि ऐसी कोई मरीज अस्पताल में आई थी, उन्हें जानकारी नहीं है।
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किशोरी की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे प्रारंभिक उपचार दिया। लड़की को प्लास्टर लगाया गया और मरहम पट्टी की गई। अगर आवश्यकता होती तो उसे भर्ती किया जाता। उसकी स्थिति को देखते हुए ही उसे घर भेजा गया। - डाॅ. एसपी सिंह, प्राचार्य, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज