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शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती बोले : उत्तर-दक्षिण भारत के लोगों के मेल से साकार होगी हिंदू राष्ट्र की संकल्पना

Thu, 29 Jun 2023 01:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगमनगरी आगमन पर जय-जय शंकर, हर-हर शंकर के उद्घोष के साथ कांची कामकोटि पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती का जोरदार स्वागत किया गया। यूपी-एमपी की सीमा चाकघाट बॉर्डर पर शंकराचार्य के प्रवेश करते ही उनके भक्ताें ने तेज बारिश की परवाह न करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की।
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शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती का स्वागत करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों के मेल से ही भारत को अखंड हिंदू राष्ट्र बनाने की संकल्पना साकार हो सकती है। यह विचार कांची कामकोटि पीठाधिपति जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती ने अपने भक्तों के समक्ष व्यक्त किए। शंकराचार्य स्वामी बुधवार देर रात सात दिवसीय प्रवास पर प्रयागराज पहुंचे।

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जय-जय शंकर, हर-हर शंकर के उद्घोष के साथ कांची कामकोटि पीठाधिपति जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती का संगम नगरी में जोरदार स्वागत किया गया। यूपी-एमपी के चाकघाट बॉर्डर पर शंकराचार्य के प्रवेश करते ही उनके भक्ताें ने बारिश में भीगते हुए जमकर पुष्प वर्षा की। शंकराचार्य के प्रयागराज प्रवास के दौरान होने वाले उनके कई कार्यक्रमों के आयोजक राकेश शुक्ल ने उनके भक्तों के साथ चाकघाट बॉर्डर पर शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती की आरती की। इसके बाद उनका काफिला धीरे-धीरे प्रयागराज की ओर बढ़ा।

चाकघाट से प्रयागराज तक कुल 21 स्थानों पर पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत हुआ। इस बीच पंडित बृजेश पाठक, श्यामदास महाराज की देखरेख में 101 ब्राह्मणों ने शंकराचार्य की वैदिक रीति-रिवाज से आरती उतारी। नैनी लेप्रोसी मिशन चौराहे पर भी स्वागत करने वाले लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। वहां से उनका काफिला बैरहना चौराहे पर पहुंचा। यहां पार्षद सोनू पाठक, सागर पांडेय तो अलोपीबाग में पार्षद उमेश मिश्रा, सचिन मिश्र आदि ने आरती एवं पुष्पवर्षा की। यहां आदि शंकराचार्य की मूर्ति पर स्वामी विजयेंद्र सरस्वती ने माल्यार्पण किया।

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आयोजक राकेश शुक्ला ने बताया कि शंकराचार्य का यह पहला प्रयागराज आगमन है। इस वजह से जगह-जगह उनके भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वामी जी ने वेणीमाधव मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर में भी दर्शन पूजन किया। बाद में वह शंकर विमान मंडपम मंदिर पहुंचे। वहां सात दिन उनका प्रवास रहेगा। इस अवसर पर पूर्व आईएएस एम रमन, सीआर राजेंद्रन, सीबी यादव, काशीमणि, रमणी शास्त्री ने कांची कामकोटि के पीठाधिपति की आरती कर मंदिर परिसर में उनका प्रवेश करवाया। इस दौरान अजय मिश्रा, राजीव चड्ढा, गोलू मिश्रा, आदर्श शुक्ला, विजय भाई पटेल आदि मौजूद रहे।
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