तेज रफ्तार से बढ़ीं गंगा शनिवार की देर शाम स्थिर हो गईं। जबकि, यमुना का जलस्तर घटने लगा। इससे एक बारगी बाढ़ से घिरने की आशंका को लेकर परेशान लोगों को राहत मिल गई है। हालांकि संगम क्षेत्र समेत घाटों के डूबने के बाद सड़क के पास गंगा के पहुंचने से लोग इस दिन भी गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचते रहे।
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सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा 80.22 मीटर और छतनाग में 79.12 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गईं। जबकि नैनी में यमुना का जल स्तर 79.68 मीटर पर पहुंचने के बाद घटने लगा है। इस समय तक यमुना के जल स्तर में एक सेंमी की कमी दर्ज की गई। इस दिन भी बांधों से गंगा में 4.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से 74,782 क्यूसेक, नरोरा बांध से 90,858 क्यूसेक और कानपुर से 2.73 लाख 981 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।