लक्षण होने के बावजूद जांच नहीं कराने की बात सामने आ रही है। जांच से बचने के लिए लोग बुखार, खांसी की दवाओं के साथ विटामिन सी, डी की गोली खुद के स्तर पर ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से पूर्व में जारी आदेश में कहा गया था कि डाक्टर के पर्चा के बगैर किसी को कोई दवा न दी जाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार मिश्र की ओर से शुक्रवार को इस बाबत एक बार फिर आदेश जारी किया गया था। उन्होंने नौ दवाओं की सूची भी जारी की थी, जिन्हें डॉक्टरी सलाह पर ही लिया जा सकता था।
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन
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आदेश में यह भी कहा गया था कि इन दवाओं को खरीदने वाले हर व्यक्ति के मोबाइल नंबर और पता समेत अन्य विवरण लिए जाएं। साथ ही ये विवरण रोजाना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध कराए जाएं। सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से शनिवार को संशोधित आदेश जारी किया गया है। इसमें डॉक्टर के पर्चा की अनिवार्यता हटा दी गई है। इसके अलावा दवाओं की सूची में सेट्रिजीन को भी शामिल कर लिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही करने वाले दवा विक्रेता के खिलाफ एपिडेमिक डिसीज ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।