सरायममरेज थाना क्षेत्र के साथर गांव की एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने अपने जेठ समेत तीन लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद उसके प्राइवेट पार्ट से सरिया से चोट भी पहुंचाया था।
सरायममरेज थाना क्षेत्र के साथर गांव में 18 अगस्त को हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की छानबीन में मामला फर्जी निकला। पुलिस के अनुसार महिला ने संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते जेठ को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी। झूठा केस लिखाने के आरोप में पुलिस ने महिला और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तर कर लिया है।
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सरायममरेज थाना क्षेत्र के साथर गांव की एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने अपने जेठ समेत तीन लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद उसके प्राइवेट पार्ट से सरिया से चोट भी पहुंचाया था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर छानबीन शुरू कर दी थी। महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए डफरिन अस्पताल भेजा गया था। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जब महिला से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई।
जेठ को फंसाने के लिए रची साजिश
आरोपी महिला ने बताया कि संपत्ति को लेकर उसका जेठ से विवाद चल रहा है। जेठ और उसके सहयोगियों को फंसाने के लिए उसने योजना तैयार की थी। पुलिस महिला और साजिश में शामिल उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।