खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर की प्रमुख फल एवं सब्जी मंडियों पर छापेमारी की। इस दौरान मुसम्मी, माल्टा और करेला का नमूना जांच के लिए भेजा और खाद्य लाइसेंस न होने पर आधा दर्जन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही तरबूज, गन्ने का जूस बेचने वाले उन दुकानदारों को भी नोटिस दिया, जिनके पास लाइसेंस नहीं था और उनकी दुकान में पहले से छिला हुआ गन्ना रखा था।
फलों के मिलाए जा रहे खतरनाक रसायनों की वजह से सेहत पर किस कदर खतरा मंडरा रहा है, इस बाबत‘अमर उजाला’ के छह मई के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। खबर प्रकाशित होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में शुक्रवार को एक साथ कई टीमें बना दी गईं। इन टीमों ने जिले भर में फल एवं सब्जी मंडियों पर छापा मार दिया।
शहर में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शालिनी सिंह, तादिंदा अली, सारिका सिंह, गायत्री, अंजू यादव और राजनीश राय की टीम ने सड़े, गले, कटे फलों और सब्जियों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत एजी ऑफिस की फल एवं सब्जी मंडी पर छापा मार दिया। आनंद भवन और मडिकल चौराहे पर भी फलों की दुकानों की जांच की गई।
एजी ऑफिस के पास बृजेश सोनकर, आशीष, गौतम केसरवानी, संतोष, सुरेश सोनकर और विजय के प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान खाद्य लाइसेंस न मिलने पर सभी को नोटिस जारी कर दिया गया। गन्ने का रस और तरबूज बेचने वाले दुकानदारों को भी हिदायत दी गई कि गन्ने को पहले छीलकर और तरबूज को पहले से काटकर न रखें। कई विक्रेताओं के पास खाद्य लाइसेंस न होने पर उन्हें नोटिस दिया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह अभियान गर्मी भर जारी रहेगा।