मुख्य आरोपी और उसके चार दोस्त फरार, दो शिकंजे में
एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि भारती भवन के पास रहने वाले मोनू सारस्वत और आदर्श केसरवानी में एक समय दोस्ती थी। कुछ महीने पहले आदर्श ने मोनू की पत्नी के बारे में कमेंट कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों में तनातनी हो गई थी। समय बीतने के साथ ही विवाद बढ़ता गया। एक अप्रैल की रात जब आदर्श लोकनाथ आया तो मोनू उसे लेकर सीधा अपने घर आ गया। वहां पर उसके पांच दोस्त पहले से ही थे।
घर में ही शराब पिलाकर आदर्श की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद रात में शव को एक कार में लादकर ड्रमंडगंज की पहाड़ियों से जंगल में फेंककर वे वापस आ गए। एसपी सिटी के मुताबिक मुख्य आरोपी मोनू समेत उसके चार दोस्तों की तलाश की जा रही है। मोनू के दो दोस्त बिट्टू और अमित पकड़े गए हैं। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
आदर्श पर पांच तो आरोपी मोनू पर दर्ज हैं दो मुकदमे
आदर्श केसरवानी और मोनू सारस्वत कभी दोस्त हुआ करते थे। दोनों ही आपराधिक प्रवृत्ति के थे। इंस्पेक्टर कोतवाली नरेंद्र प्रसाद के मुताबिक आदर्श के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज थे तो मोनू पर दो आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। दोनों का साथ उठना बैठना और खाना पीना था। कुछ महीने पहले आदर्श ने मोनू की पत्नी को लेकर कुछ कमेंट किया तो दोनों के रिश्तों में तल्खियां आ गईं। दोनों एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। बात बढ़ती गई और यहां तक पहुंच गई कि मोनू ने आदर्श को अपने ही घर में मार डाला।