इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छाया पांडेय और एक अन्य की प्रयागराज के कैंट थाने मे धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले में पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। किंतु याचीगण को पुलिस विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एनए मुनीस तथा न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने छाया पांडेय व अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि उन्हें दुर्भावनापूर्ण ढंग से फर्जी और झूठे आरोपो में फंसाया गया है। इसलिए दर्ज प्राथमिकी रद्द की जाए। सरकारी अधिवक्ता ने प्रतिवाद किया और कहा कि प्राथमिकी से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है। विवेचना जारी है। हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा है कि विवेचनाधिकारी के बुलाए जाने पर याचीगण हाजिर होंगे और सहयोग करेंगे।