कोरोना वायरस से बचाव के लिए शुरू कवायद के बीच बजट का संकट कुछ हद तक दूर हो गया है। मिनरल फंड के अंतर्गत चार करोड़ रुपये मिले हैं। इसके लिए शासन से अनुमति भी मिल गई है। यह राशि दवा, सैनिटाइजर आदि पर खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के आधार पर राशि जारी की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों की ओर से मदद की घोषणा की गई है लेकिन यह राशि सीधे तौर पर दवाओं आदि पर खर्च नहीं की जा सकती। ऐसे में दवा के अलावा सैनिटाइजर, मॉस्क, ग्लब्स आदि के लिए बजट की समस्या बनी हुई है। ऐसे में मिनरल फंड से मदद पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। खनन विभाग के पास मिनरल फंड के अंतर्गत 14.50 करोड़ रुपये हैं। जिला प्रशासन किसी आपदा के समय इसकी 30 फीसदी राशि जरूरत के अनुसार खर्च कर सकता है। कोरोना का एक मरीज पॉजिटिव आने के बाद शासन से भी इसकी अनुमति मिल गई है। इसी के तहत चार करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव आने के बाद राशि जारी कर दी जाएगी।
वेंटिलेटर के लिए वीके कनेक्टर से होगी बात
स्वरूपरानी अस्पताल में 40 वेड का आईसीयू वार्ड तैयार हो चुका है। सभी में वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है। बेली अस्पताल मेें भी वेंटिलेटर युक्त 20 आईसीयू वार्ड बनाए गए हैं। इस तरह से सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत यहां 60 वेंटिलेटर हैं लेकिन यहां प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों के भी कोरोना मरीज भर्ती किए जाएंगे। इसे ध्यान में रखकर तैयारी भी की जा रही है। इस लिहाज से यदि खतरा बढ़ता है तो इतने वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे।
ऐसे में नैनी के वीके कनेक्टर्स से भी मदद लेने की योजना बनाई गई है। नैनी स्थित वीके कनेक्टर्स कंपनी को 21 हजार वेंटिलेटर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। वेंटिलेटर की अंतिम तौर पर असेंबलिंग बंगलूरू में होगी और केंद्र सरकार की ओर से जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला प्रशासन की कोशिश है कि इस सूची में प्रयागराज ऊपर रहे। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि इसके लिए सभी स्तर पर पहल की जाएगी।
सांसद, विधायक निधि स्थाई निर्माण पर हो सकती है खर्च
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सांसदों और विधायकों ने करोड़ों रुपये के आर्थिक मदद की घोषणा की है। उन्हाेंने चेक भी उपलब्ध करा दिए हैं लेकिन सांसद और विधायक निधि का उपयोग निर्माण तथा अन्य स्थाई कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यह राशि दवाओं, मास्क आदि पर खर्च नहीं की जा सकती। इसे देखते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई प्रतिनिधियों ने वेंटिलेटर, अस्पताल के निर्माण आदि पर खर्च के लिए राशि प्रदान की है।