आजम खान की तरफ से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठï अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी अपनी बहस में यही बात दोहराई। जबकि, सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी और संजय सिंह की ओर से तर्क दिया गया कि जांच में जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। याची इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जा चुका है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इस पर याची के अधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हाईकोर्ट के समक्ष अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में जिला जज रामपुर से रिपोर्ट मांगी है।