पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के छोटे पुत्र अनिल शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल शास्त्री ने यूपी बोर्ड के कोर्स में 30 फीसदी की कटौती के नाम पर हटाए गए कांग्रेस के इतिहास पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि अगर कांग्रेस का इतिहास हटा दिया जाएगा तो वर्तमान और भावी पीढ़ी आजादी की लड़ाई और इसके विविध चरणों की हकीकत जानने से वंचित रह जाएगी।
अनिल शास्त्री का आरोप है कि सरकार कोरोना की आड़ में मनमानी कर रही है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार शैक्षिक पाठ्यक्रम से आजादी के इतिहास से लेकर देश निर्माण में कांग्रेस के योगदान को खत्म करना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हटाए गए अंश में एक दल के प्रभुत्व का दौर, प्रथम तीन आम चुनाव, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के प्रभुत्व और गठबंधीय प्रकृति के अलावा 1965 और 1971 में जीत से जुड़ा पूरा अध्याय शामिल है। शास्त्री ने यह आरोप भी लगाया है कि आजादी के आंदोलन में वर्तमान सरकार और उसकी पार्टी की कोई भूमिका नहीं थी, जिसकी झेप को मिटाने के लिए यह कदम उठाया गया।