शाइन सिटी के संचालकों पर दो एफआईआर और दर्ज कराई गई है। आजमगढ़ के दीपचंद्र यादव और मिर्जापुर के राजेश जैसल ने सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी तथा अन्य धाराओं में एफआईआर कराई है। संचालकों पर दो दिन पहले भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आजमगढ़ के छतरपुर खुशहाल का रहने वाला दीपचंद्र यादव कुछ समय पहले शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। शाइन सिटी के डायरेक्टर राशिद, आसिफ और राजेश मौर्या ने झूंसी में प्लाट दिलाने का सब्जबाग दिखाया।
दीपचंद्र उसके साथ झूंसी में प्लाट देखने गया। प्लाट देखा तो उसे पसंद आ गया। राजेश ने बताया कि पहले कंपनी के नाम आपको पैसा जमा करना है। इसके बाद कंपनी बैनामा करेगी। करीब डेढ़ लाख रुपये दीपचंद्र ने कंपनी के नाम जमा किया लेकिन प्लाट नहीं दिया गया। कहा गया कि छह महीने बाद रजिस्ट्री की जाएगी। छह माह बीत जाने के बाद भी न तो रजिस्ट्री की गई न पैसा वापस किया गया। दीपचंद्र ने 21 जून को सिविल लाइंस थाने में राशिद, आसिफ और राजेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
मिर्जापुर के लालगंज के रहने वाले राजेश जैसल से कुछ साल पहले शाइन सिटी के मनीष कुमार राय और मो. शाहिल ने संपर्क कर कंपनी में पैसा लगाने को कहा। राजेश से बताया कि उनका पैसा कुछ ही सालों में पांच से दस गुना हो जाएगा। राजेश उनकी बातों में आकर शाइन सिटी प्रोजेक्ट में करीब आठ लाख रुपये लगा दिए। बाद में पता चला कि कंपनी भाग गई। जिन कर्मचारियों ने रुपये लगवाए थे, उन्होंने भी कागजों में जालसाजी की थी। राजेश की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में मनीष कुमार राय और शाहिल के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।