नवाबगंज थाना क्षेत्र के सिंगरौर उपहार निवासी अयोध्या प्रसाद अपनी पत्नी के साथ मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे। अयोध्या प्रसाद ने जनसुनवाई कर रहे एडिशनल डीसीपी क्राइम सतीश चंद्र को बताया कि रिश्वत लेने के एक मामले में दरोगा आशीष राय के खिलाफ वह गवाह है।
रिश्वत लेने के आरोपी दरोगा के खिलाफ गवाही देना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। गवाही देकर घर लौटते ही पीड़ित और उसके पूरे परिवार को आरोपी दरोगा के साथी होमगार्ड ने साथियों संग मिलकर पीटा। दोबारा गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी। मंंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में दंपती ने एडिशनल डीसीपी क्राइम सतीश चंद्र से मामले की शिकायत की। उन्होंने मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के सिंगरौर उपहार निवासी अयोध्या प्रसाद अपनी पत्नी के साथ मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे। अयोध्या प्रसाद ने जनसुनवाई कर रहे एडिशनल डीसीपी क्राइम सतीश चंद्र को बताया कि रिश्वत लेने के एक मामले में दरोगा आशीष राय के खिलाफ वह गवाह है। दरोगा व उसके सहयोगी मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बना रहे हैं। सुलह न करने पर परिवार को जान से मारने की धमकियां दिलाई जा रही हैं। 24 नवंबर को जब वह भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में आरोपी दरोगा आशीष राय के खिलाफ साक्ष्य देकर घर आया तो आरोपी होमगार्ड अपने चार अन्य साथियों के साथ पहले से ही उसके घर पर मौजूद था।
आरोपी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे पीटने लगे। उसकी पत्नी विटोला देवी, बेटी मनीषा, दर्शना, बेटे उचित कुमार व उत्तम ने बचाने की कोशिश की आरोपियो ने उन्हें भी पीटा। शोरगुल सुनकर लोगों की भीड़ जुटती देख होमगार्ड अपने साथियों के चला गया। इस मामले की शिकायत नवाबगंज थाने लेकर गए तो वहां सुनवाई नहीं हुई। एसीपी गंगानगर ने बताया कि अयोध्या प्रसाद का करीब एक महीने पहले एक मामला संज्ञान था, जिसमें जांच की गई थी। 24 नवंबर का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।