उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट पर एक प्रधान द्वारा रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाए जाने के मामले में घंटों चली पंचायत के बाद समझौता हो गया। प्रधान के लिए गए पैसे भी वापस कर दिए गए। इसके बाद अधिकारी ने राहत की सांस ली। फिलहाल इस मामले को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
सरायममरेज थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव केे रहने वाले अनिल शुक्ला मौजूदा ग्राम प्रधान हैं। उनका आरोप था कि उनके भाई की मुंबई में मौत हो गई थी। मंगलवार सुबह जंघई स्टेशन पर मुंबई से लौटे और मारूति कार से घर जा रहे थे। वे जैसे ही चौका मोढ़ पर पहुचे सुबह करीब 6.30 बजे वहां मजिस्ट्रेट उड़नदस्ता लिखी एक सुमो गाड़ी के साथ खडे लोगों ने उनकी कार रोकी। कार में तलाशी के बाद बैग में रखे 2 लाख रूपये मिले थे।
इस मामले में भुक्तभोगी प्रधान ने संबंधित उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट पर 50 हजार रूपये रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप लगाते हुए दर्जनों साथी प्रधानों के साथ सरायममरेज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई तो खलबली मच गई। फिर कुछ मानिंद लोगों की मध्यस्थता में समझौते के लिए मान-मनौवल का क्रम रात भर चला। बताया कि कई घंटें चले इस समझौते के दौरान प्रधान के रूपये वापस लौटा दिया गया।
फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। समझौता के बाद संबंधित उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट सहित टीम के लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट और प्रधान के बीच हुए इस मामले को लेकर दूसरे दिन बुधवार को भी प्रतापपुर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।