थाना क्षेत्र के अछोला गांव निवासी रत्नेश शुक्ला (32) पुत्र बालमुकुंद शुक्ला खेती किसानी के साथ ट्रैक्टर व आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। बीते करीब 10 वर्ष पहले कोरांव के सिरौठी, प्रसिद्धि गांव में उसकी शादी रीतू (30) के साथ हुई थी। दंपती को एक बेटी लाडो (8) गुल्लू 6 वर्ष हैं।
मांडा थाना क्षेत्र के अछोला सरांयखुर्द गांव में बीतीरात घरेलू कलह से आजिज होकर दंपती ने जहर निगल लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें रामनगर सीएचसी ले गए। जहां से उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अलसुबह स्थानीय गंगा घाट पर परिजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन घटना को लेकर कुछ बताने को तैयार नहीं है। घटना की जानकारी पुलिस को भी नहीं है।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के अछोला गांव निवासी रत्नेश शुक्ला (32) पुत्र बालमुकुंद शुक्ला खेती किसानी के साथ ट्रैक्टर व आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। बीते करीब 10 वर्ष पहले कोरांव के सिरौठी, प्रसिद्धि गांव में उसकी शादी रीतू (30) के साथ हुई थी। दंपती को एक बेटी लाडो (8) गुल्लू 6 वर्ष हैं। बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे दंपती ने घरेलू कलह से आजिज आकर कीटनाशक दवा निगल लिया।
उल्टी होने व तबीयत बिगने पर परिजन उन्हें रामनगर सीएचसी ले गए। हालत नाजुक देख डॉक्टर ने एसआरएन के लिए रेफर कर दिया। एसआरएन पहुंचने पर डॉक्टर ने रत्नेश व रीतू को मृत घोषित कर दिया। एकलौते बेटे व बहू के मौत की सूचना पर मां अंगूरा देवी, बहन वंदना, सालू का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर रीतू के पिता अमर नाथ अन्य परिजनों के साथ रोते बिलखते अछोला गांव पहुंचे। शुक्रवार सुबह स्थानीय गंगा घाट पर दंपती का अंतिम संस्कार किया गया। घर से एक साथ दंपति की अर्थी उठने पर सभी की आंखे नम हो गई।