मेजा तहसील में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। सभी अधिकारी मौके पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक फरियादी टिन लेकर पहुंचा और लोगों का ध्यान खींचने के लिए डंडे से पीटने लगाा।
तहसील के बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई न होने पर किसान सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में आत्मदाह करने के लिए पहुंच गया। पहले उसने डंडे से टिन बजाकर अपनी व्यथा बताई। इसके बाद झोले से पेट्रोल से भरी बोतल निकाल ली। यह देखकर वहां मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। वह आत्मदाह का प्रयास करने लगा। लोगों ने किसी तरह से समझा बुझाकर उसे शांत किया।
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मेजा तहसील में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। सभी अधिकारी मौके पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक फरियादी टिन लेकर पहुंचा और लोगों का ध्यान खींचने के लिए डंडे से पीटने लगा। लोग जब उसकी तरफ मुखातिब हुए तो उसने अपनी व्यथा लोगों को बताई। इसके बाद उसने झोले से पेट्रोल से भरी बोतल निकाल ली और आत्मदाह करने का प्रयास करने लगा। इससे मौके पर खलबली मच गई। सारे अधिकारी उसके पास पहुंच गए। लोगों ने किसी तरह से बीच बचाव करके उसे शांत किया।
किसान का आरोप है कि हतबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसे कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। वह तहसील का चक्कर काटते काटते थक गया लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके बाद आत्महत्या के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है। अधिकारियों ने समस्या का निस्तारण जल्द कराने का आश्वासन देकर उसको शांत किया।