दो सिपाहियों की मौत की खबर पाकर पहुंचे परिजनों ने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने इस मसले पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। साथ ही किसी तरह का आरोप-प्रत्यारोप भी नहीं किया। पुलिस का कहना है कि कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद सिपाही राजेश के पिता गिरधारी लाल व भाई जीतेंद्र फूट-फूटकर राेते रहे। घटना की वजह के बाबत पूछने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। राजेश तीन भाइयों में छोटा था। उधर, उसकी पत्नी नीतू भी बदहवास हाल में मोर्चरी पहुंची। पति का शव देखकर वह फूट-फूटकर रोई। उसने भी किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया। उसके पिता हरिमोहन ने कहा कि जो होना था हो गया, अब कुछ कहने से क्या फायदा। इससे दामाद वापस तो नहीं आएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव बाहर निकाला गया तो परिजनों की चीत्कार से कोहराम मच गया।