दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध जेबी महाजन डिग्री कॉलेज चौरीचौरा में परीक्षा के दौरान हुई लापरवाही पर कार्रवाई तेज हो गई है। गलत प्रश्नपत्र बांटने से वाणिज्य संकाय के दो पेपर आउट होने के मामले में उच्च शिक्षा निदेशालय ने तत्कालीन प्राचार्य प्रो. मधुप कुमार से 4,29,832 रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।
16 दिसंबर 2025 को आयोजित परीक्षा में अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र कोड-301 की जगह 302 और बीकॉम-302 की जगह 303 का पेपर खोलकर छात्रों में बांट दिया गया। करीब 15 मिनट बाद गलती का एहसास होने पर प्रश्न पत्र वापस लिए गए लेकिन दोनों पेपर को आउट मान लिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। जांच में कॉलेज का सीसीटीवी बंद मिला और घटना की सूचना विश्वविद्यालय को समय पर नहीं दी गई। रिपोर्ट के आधार पर दोनों परीक्षाएं निरस्त कर 28 दिसंबर 2025 को दोबारा कराई गईं।
जांच समिति ने तत्कालीन केंद्राध्यक्ष को दोषी मानते हुए खर्च की वसूली की संस्तुति की थी। परीक्षा विभाग के अनुसार प्रश्नपत्रों की पुनर्मुद्रण पर 4,29,832 रुपये खर्च हुए।
निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बीएल शर्मा ने प्रबंध समिति को वसूली सुनिश्चित करने का आदेश भेज दिया है।
कोट:
प्रश्नपत्रों के पुनर्मुद्रण पर आए पूरे खर्च के वसूली की संस्तुति की गई है। इस संबंध में कई बार उच्च शिक्षा निदेशालय को अवगत कराया गया है।
ईश्वर चंद्र जायसवाल, प्रबंधक
कोट:
कुलपति के निर्देशानुसार संबंधित तत्कालीन केंद्राध्यक्ष से राशि वसूलने का आदेश जारी किया गया है। वसूली की कार्रवाई प्रबंध समिति करेगी। इसके लिए प्रबंध समिति को पत्र भेजा जा रहा है।
डॉ. बीएल शर्मा, निदेशक, उच्च शिक्षा