छोटा बघाड़ा के सलोरी स्थित नाला गंदगी से बजबजा रहा है। नाले में करीब डेढ़ मीटर से अधिक मोटी सिल्ट जमा हो गई है। ऐसे में स्थानीय लोगों को मानसून में जल भराव होने का डर सता रहा है।
सलोरी के ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के पास स्थित नाले के आसपास कई आवासीय भवन, कार्यालय व गेस्ट हाउस स्थित हैं। बरसात में गंदगी जमा होने से नाले का पानी सड़क पर बहने लगता है। इससे जल भराव की स्थित पैदा हो जाती है। साथ ही नाले का पानी लोगों के घरों में पहुंच जाता है।
लोगों को उम्मीद थी कि इस बार नगर निगम समय रहते नालों की सफाई का काम शुरू कर देगा। लेकिन अब तक सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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20 अप्रैल से शुरू होना था काम
नगर निगम की तरफ से नाले व नालियों की सफाई का काम 20 अप्रैल से शुरू होना था। लेकिन, अब जाकर आधी-अधूरी टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया है। बता दें कि पहली बार नगर निगम ने जैम पोर्टल के आधार पर टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया है। इस बार सभी जोन में नाले व नालियों की सफाई का काम 10 लाख रुपये से अधिक लागत में किया जाएगा। नगर निगम के 100 वार्डों में करीब 700 छोटे व बड़े नाले हैं।
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टेंडर पर रस्साकशी
टेंडर प्रक्रिया पर एक बार फिर से नगर निगम के अधिकारियों व पार्षदों में रस्साकशी शुरू हो गई है। नगर निगम ने जोन के आधार पर नालों की सफाई का काम बांटा है, तो वहीं कई पार्षद अभी भी इस प्रक्रिया को मानने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में चार पार्षदों ने अपने वार्ड में कर्मचारी लगाकर नालों की सफाई कराने की बात कही है। जिसे नगर निगम ने स्वीकार कर लिया है। लेकिन जोन के आधार पर नाले व नालियों की सफाई को लेकर कई पार्षदों में नाराजगी बनी हुई है।
वर्जन
नाले व नालियों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। इस बार जोन के आधार पर वार्डों में सफाई कराई जाएगी। अगले 10 दिनों में नालों की साफ सफाई का काम शुरू हो जाएगा। दीपेंद्र कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।