फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Emergency Movie : फिल्म इमरजेंसी को बैन करने की मांग, सिखों के किरदार का गलत तरीके से गया है चित्रण

Wed, 28 Aug 2024 02:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सिख सेवा संगम के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने फिल्म इमरजेंसी पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कहा कि जो यह फिल्म सिखों के चरित्र को गलत तरीके से चिरित्र करती है। यह फिल्म सिख विरोधी व जानबूझकर सिखों का चरित्र हनान करने के इरादे से बनाई गई है, ऐसा प्रतीत हो रहा है।
विज्ञापन
फिल्म का पोस्टर। - फोटो : सोशल मीडिया।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिल्म अभिनेत्री और मंडी की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत की आने वाली फिल्म को लेकर संगमनगरी में भी विवाद शुरू हो गया है। सिख समुदाय ने सरकार से फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है। फिल्म में सिखों के चरित्र को गलत तरीके से चित्रण करने का आरोप लगाया है। कहा कि इससे समाज के लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।

विज्ञापन


सिख सेवा संगम के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने फिल्म इमरजेंसी पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कहा कि जो यह फिल्म सिखों के चरित्र को गलत तरीके से चिरित्र करती है। यह फिल्म सिख विरोधी व जानबूझकर सिखों का चरित्र हनान करने के इरादे से बनाई गई है, ऐसा प्रतीत हो रहा है। फिल्म में सिखों के किरदार को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे सिखों की भावनाए आहत हो सकती हैं। 

सरदार पतविंदर सिंह ने फिल्म को सेंसर बोर्ड की ओर से जारी सर्टिफिकेट को भी रद्द करने की मांग की है। सिखों को गलत तरीके से चित्रण कर समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई है। फिल्म में सिख समुदाय को निशाना बनाते हुए गलत चित्रण किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सिख समाज का अपमान घृणित कार्य

उन्होंने कहा कि यह अपमान सिख समुदाय बर्दाश्त नहीं कर सकता। जून 1984 पर सिख विरोधी कहानी बनाना सिख समुदाय का अपमान करने का घृणित कार्य है। समुदाय जून 1984 सिख विरोधी क्रूरता को कभी नहीं भूल सकता। फिल्म इमरजेंसी में जानबूझकर सिखों की भावनाओं को भड़काने वाली कहानी बनाई गई है। सिखों के चरित्र को अलगाववादियों के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो एक गहरी साजिश का हिस्सा लग रही है।

कहा कि सरकार से फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाई जानी चाहिए। कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सिख विरोधी भावनाओं वाली कोई भी फिल्म रिलीज न हो। साथ ही फिल्म सेंसर बोर्ड में सिक्ख सदस्यों को शामिल करने का आग्रह किया है। इस फिल्म के रिलीज होने से सिक्ख समुदाय में काफी गुस्सा और नाराजगी होगी। ऐसे में सरकार को तुरंत इस विवादित फिल्म इमरजेंसी का प्रतिबंध लगाना चाहिए, इससे सिख समाज की धार्मिक भावना को भी आहत होने से बचाया जा सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें