सिख समाज का अपमान घृणित कार्य
उन्होंने कहा कि यह अपमान सिख समुदाय बर्दाश्त नहीं कर सकता। जून 1984 पर सिख विरोधी कहानी बनाना सिख समुदाय का अपमान करने का घृणित कार्य है। समुदाय जून 1984 सिख विरोधी क्रूरता को कभी नहीं भूल सकता। फिल्म इमरजेंसी में जानबूझकर सिखों की भावनाओं को भड़काने वाली कहानी बनाई गई है। सिखों के चरित्र को अलगाववादियों के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो एक गहरी साजिश का हिस्सा लग रही है।
कहा कि सरकार से फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाई जानी चाहिए। कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सिख विरोधी भावनाओं वाली कोई भी फिल्म रिलीज न हो। साथ ही फिल्म सेंसर बोर्ड में सिक्ख सदस्यों को शामिल करने का आग्रह किया है। इस फिल्म के रिलीज होने से सिक्ख समुदाय में काफी गुस्सा और नाराजगी होगी। ऐसे में सरकार को तुरंत इस विवादित फिल्म इमरजेंसी का प्रतिबंध लगाना चाहिए, इससे सिख समाज की धार्मिक भावना को भी आहत होने से बचाया जा सकेगा।